उत्तराखंड

पेयजल स्रोतों क़ो रिचार्ज करने के लिए अमृत सरोवर योजना के तहत बनेंगी छोटी झीलें और तालाब : गणेश जोशी

देहरादून। कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री मंत्री गणेश जोशी द्वारा विधानसभा सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व ही प्रातः 10 बजे क्षेत्र से सम्बन्धित मुख़्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति समीक्षा बैठक आहूत की। इस बैठक में जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, वन, जल संस्थान तथा पेयजल निर्माण निगम के अधिकारीयों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

इस दौरान मसूरी विधानसभा के संतला देवी पर नून नदी में, सिर की पर बांदल नदी में, बडावली में बाल्दी नदी पर, भीतरली में टोंस नदी पर, हल्दीवाला में नून नदी पर, मसंदावाला में नून नदी पर तथा किमाड़ी सुमन नगर राजपुर एवं मालसी में जल स्रोतों के पुनर्जवन हेतु छोटी झील अथवा तालाब बना कर पेयजल स्रोतों को रिचार्ज करने पर चर्चा की गई।

ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया कि, क्षेत्र की पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु जल स्रोतों को रिचार्ज करने की कार्य नीति तैयार करते हुए तत्काल कार्य प्रारंभ किया जाए।

उन्होंने कहा कि, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की पेयजल समस्याओं पर दूरगामी नीति बनाते हुए, मनरेगा के तहत जल स्रोतों को रिचार्ज करने के लिए छोटे-छोटे झील एवं तालाब निर्माण किए जाने हेतु अमृत सरोवर योजना प्रारंभ की है। जिसके तहत प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 75 छोटी झीलें अथवा तालाबों का निर्माण किया जाना है।

कैबिनेट मंत्री द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त प्रस्तावित तालाबों अथवा झील के निर्माण को प्रस्तावित करने से पूर्व वन विभाग एवं जियोलॉजिकल एक्सपोर्ट तथा राजस्व विभाग व पेयजल निर्माण निगम एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा एक संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया जाए। इस पर तय किया गया कि शनिवार 18 जून को स्थापित स्थलों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा।

समीक्षा बैठक में युसेक के निदेशक डॉ एमपीएस बिष्ट, पेयजल निगम के मुख्य अभियंता एससी पंत, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग, आर के तिवारी, दिनेश चंद्र उनियाल, आर एस गुसाईं, एचसी, एडीएम, बरनवाल, प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून, त्रिपाठी तथा मंजीत रावत भी उपस्थित रहे ।

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