उत्तराखंड

पर्वतीय क्षेत्रों में मिले स्थाई क्रिटीकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) की स्वीकृति : स्वास्थ्य मंत्री 

देहरादून। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित स्वास्थ्य मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य से संबंधित प्रदेश के मुद्दे रखे। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुये पर्वतीय क्षेत्रों में स्थाई क्रिटीकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) के निर्माण की स्वीकृति देते हुये बजट बढ़ाने की मांग की। प्रीकॉशन डोज टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिये स्वास्थ्य मंत्री ने केन्द्र सरकार से अतिरिक्त वैक्सीन उपलब्ध कराने, कोविड काल में स्वीकृत अवशेष धनराशि को खर्च करने एवं एनएचएम के अंतर्गत प्रथम किस्त जारी करने का अनुरोध किया। जिस पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सकारात्मक रूख अपनाते हुये शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित स्वास्थ्य मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में शिरकत की। बैठक में डॉ0 रावत ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुये पर्वतीय क्षेत्रों में स्थाई क्रिटीकल केयर ब्लॉक के निर्माण की स्वीकृति की मांग की। उन्होंने बताया कि प्री-फेब्रिकेटेड सीसीबी के निर्माण हेतु केन्द्र द्वारा स्वीकृत 9.50 लाख की धनराशि पर्याप्त नहीं है जबकि रूपये 25 लाख की लागत से पर्वतीय जनपदों में स्थाई सीसीबी का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से पर्वतीय जनपदों में स्थाई सीसीबी निर्माण हेतु रूपये 25 लाख की मांग की। डॉ0 रावत ने राज्य में प्रीकॉशन टीकाकरण अभियान में और अधिक तेजी लाने के लिये अतिरिक्त वैक्सीन की मांग रखी। उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत राज्य में अबतक 18 फीसदी लोगों को प्रीकॉशन डोज लग चुके हैं जो कि राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

बैठक में डॉ0 रावत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से कोविड वैक्सीनेशन के अंतर्गत पूर्व में स्वीकृत बजट को वापस न लिये जाने एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रथम किस्त जारी करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि बजट न मिलने से एनएचएम के कार्मिकों को विगत कई माह से वेतन-भत्ते नहीं मिल पाये हैं जिससे उनकी आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। आयुष्मान योजना की जानकारी देते हुये उन्होंने बताया कि सूबे में अब तक करीब 49 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं तथा योजना के अंतर्गत 5.50 लाख लोगों का उपचार भी किया जा चुका है। जिस पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने खुशी जाहिर की और राज्य से जुड़े मुद्दे पर सकारात्मक सहायोग का आश्वासन दिया।

बैठक में प्रभारी सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम आर राजेश, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ0 शैलजा भट्ट, निदेशक एनएचएम डॉ0 सरोज नैथानी, वित्त नियंत्रक खजान चन्द्र पाण्डे सहित शहरी विकास विभाग के अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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