उत्तराखंड

21 अक्टूबर को उत्तराखण्ड आयेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सीएम धामी ने दिया था उत्तराखण्ड आने का न्यौता

 केदारनाथ और बद्रीनाथ के करेंगे दर्शन

– केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों का करेंगे निरीक्षण

– बदरीनाथ आध्यात्मिक स्मार्ट नगरी प्रोजेक्ट के कार्यों को भी देखेंगे

– सीमांत गांव माणा से लॉच करेंगे ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’

देहरादून । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 21 अक्टूबर को उत्तराखण्ड के दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरान वह बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन के साथ ही सीमांत गांव माणा में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ की शुरुआत भी कर सकते हैं। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के इस संभावित दौरे को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आज के केदारनाथ धाम के दौरे को इन्हीं तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव रहा है। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण के साथ ही बदरीनाथ धाम को ‘आध्यात्मिक स्मार्ट नगरी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। बहुत संभव है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अक्टूबर को केदारनाथ और बदरीनाथ पहुंचकर इन कार्यों का निरीक्षण करेंगे। उनके इस दौरे की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सीमांत गांव माणा में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) लॉच कर सकते हैं।

दरअसल, बजट 2022 के भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की सीमा से सटे गांवों को विकसित करने के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ शुरू करने की घोषणा की थी। इस प्रोग्राम के तहत भारत की सीमाओं, खासतौर पर भारत-चीन बॉर्डर पर बसे गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम किया जाना है। योजना के दो मुख्य उद्देश्य हैं। एक, बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और दूसरा, यह सुनिश्चित करना कि रोजगार के लिए लोगों को गांव न छोड़ने पड़े। इस प्रोग्राम के तहत गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम किया जायेगा। हाउसिंग, टूरिस्ट सेंटर, रोड कनेक्टिविटी, रिन्यूअल एनर्जी की ठोस व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा दूरदर्शन और एजुकेशनल चैनलों को सीधा घरों तक पहुंचाया जायेगा। सबसे अहम बात यह कि वहां के ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर मुहैया करवाए जायेंगे। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड से भी सुझाव मांगे थे, जो उसे भेज दिए गए हैं।

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की घोषणा से उत्तराखण्ड में भी सरहदी गांवों के विकास की नई उम्मीद का संचार हुआ है। कारण यह कि राज्य की 675 किलोमीटर सीमा चीन और नेपाल से सटी है। इस अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे कई गांव पलायन की मार झेल रहे हैं।

 

बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजय अजेंद्र का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम अभी फाइनल नहीं हुआ है लेकिन उनके संभावित दौरे की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री धामी ने कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर उन्हें उत्तराखण्ड आने का न्यौता दिया था।

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